Amazing Facts : जब भी हम लोग शॉपिंग मॉल, रेस्तरा, जिम या फिर होटलों में टायॅलेट्स का इस्तेमाल करने जाते हैं तो अक्सर बाथरूम के बाहर लगे बोर्ड्स को देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं। ये कन्फ्यूजन आता है उन बोर्ड्स पर लिखे शब्दों को देखकर। आमतौर पर टॉयलेट्स के बाहर तीन तरह के बोर्ड लगाए जाते हैं। जिनमें WC लिखा होता है या फिर जिनमें बाथरूम या वॉशरूम लिखा होता है। WC यानी वाटर क्लोसेट को तो लोग आसानी से समझ लेते हैं मगर, बाथरूम और वॉशरूम में अंतर को नहीं समझ पाते हैं। क्या आपको पता है कि, बाथरूम और वॉशरूम में क्या अंतर होता है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको बताएंगे कि, बाथरूम और वॉशरूम में क्या अंतर होता है।
बाथरूम क्या होता है
'बाथ' शब्द से ही साफ है यह मूल रूप से नहाने वाला कमरा होता है। इसमें आमतौर पर शावर, बाथटब, वॉश बेसिन, और अक्सर टॉयलेट भी लगा होता है। यह मुख्य रूप से घरों में इस्तेमाल होता है, जहां लोग नहाने, बाल धोने, कपड़े धोने और सफाई करने के लिए जाते हैं। भारत में ज्यादातर घरों में अब अटैच्ड बाथरूम होता है, जिसमें टॉयलेट + शावर + सिंक सब एक साथ हैं, इसलिए लोग बाथरूम कहकर टॉयलेट जाने को भी बोल देते हैं लेकिन ये थोड़ा गलत माना जाता है।
वॉशरूम क्या होता है
'वॉश' यानी धोना यह धोने और सफाई करने वाला कमरा है। इसमें मुख्य रूप से टॉयलेट (शौचालय), वॉश बेसिन और कभी-कभी यूरिनल होते हैं, लेकिन नहाने की सुविधा (शावर या बाथटब) नहीं होती। यह ज्यादातर पब्लिक प्लेस जैसे ऑफिस, स्कूल, मॉल, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, होटल आदि में इस्तेमाल होता है।
अब जाएं तो समझ जाएं अंतर
जैसा कि, हमने आपको बताया कि बाथरूम और वॉशरूम दोनों शब्दों में उतना ही अंतर है जितना दोनों के स्थानों में है। प्राय: ऐसा होता है कि लोग इन दोनों का नाम सुनकर काफी ज्यादा कन्फ्यूज हो जाते हैं और दोनों शब्दों में सही चुनाव नहीं कर पाते हैं। इसलिए अब अगर आप वहां जाएं तो दोनों अंतर सही जगह ही चुनें ।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें -
ट्रेन की टंकी में कितने लीटर डीजल आता है, माइलेज सुनकर दिमाग घूम जाएगा; नहीं जानते हैं तो जान लें